चीन के आक्रामक रुख, पाकिस्तान की गुस्ताखियों के बावजूद सेना के आधुनिकीकरण के लक्ष्य को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया | नतीजा यह हुआ कि हादसे दर हादसे पेश आने लगे| एक नयी मीडिया रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि नौसेना ने 2010 में ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर आगाह कर दिया था कि पनडुब्बियों का बेड़ा खत्म होता जा रहा है| मौजूदा पनडुब्बिया भी बेहद जर्जर हैं| पत्र में नौसेना ने यह भी चेताया था कि 2015 तक पनडुब्बियों की तादाद 5-6 रह जाएगी | पनडुब्बियों में सामने आ रहीं गड़बड़ियों का भी इसमें उल्लेख किया गया था | हथियारों की खरीद की जटिल प्रक्रिया, घूसखोरी ने भी सेना को सामरिक मोर्चे पर कमजोर किया है और उसकी साख पर भी सवाल उठे हैं| भारतीय सेनाएं अभी भी ज्यादातर सोवियत युग में खरीदे गये लड़ाकू विमानों और टेंकों पर ही निर्भर हैं| भ्रष्टाचार और लालफीताशाही ने रक्षा खरीद और सैन्य आधुनिकीकरण के लक्ष्य को पटरी से उतार दिया है|
पुरानी पड़ती पनडुब्बिया
पुरानी पड़ती पनडुब्बिया
- 2010 में नौसेना ने नयी पनडुब्बियों की लगायी थी गुहार
- 2015 तक 5-6 पनडुब्बिया ही रह जाने की बात कही
- पुरानी पनडुब्बियों कि गड़बड़ियों को लेकर भी चेताया
- सात माह में पनडुब्बी के तीन और पोत के सात हादसे
स्कोर्पीन पनडुब्बी
- 2005 में हुआ था स्कोर्पीन के भारत में निर्माण का करार
- 2012 में मिलनी थी छह में से पहली फ़्रांसिसी पनडुब्बी
- 2016 में मिलेगी अब पहली पनडुब्बी भारत को
- 18,798 करोड़ से 24 हज़ार करोड़ पहुंची लागत
राफेल सौदा
- 126 लड़ाकू विमानों का राफेल सौदा
- 15 अरब डॉलर के सौदे पर जनवरी 2012 में करार
- 2014 में भी सौदे के लिए बजट आवंटन नहीं हुआ
- मिग-15 की जगह स्वदेशी फायेटरों का काम 15 साल पीछे
घोटाले पर घोटाले
- 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में घूसखोरी
- ट्रक की खरीद में घोटाला
- बराक मिसाइलों में घूसखोरी मामला
- 1987 का बोफोर्स घोटाला और 1999 का ताबूत घोटाला
- आर्डिनेंस फैक्ट्री घोटाले में छह कम्पनियों पर लगी पाबन्दी
लटके प्रोजेक्ट
- 01 लाख,78 हज़ार असाल्ट रायफलों का सौदा पूरा नहीं
- 50 आधुनिकीकरण स्कीमों में ज्यादातर 2013-14 में नहीं हुईं
- 16 मल्टीरोल मैरीटाइम और 56 यूटिलिटी हैलीकॉप्टरों की दरकार नौसेना में
- 100 सेल्फ प्रोपेल्ड गन, 814 गन सिस्टम और 1580 टो गनों का करार
- 155 मिमी हावित्जर तोपें सेना को अभी तक नहीं मिल पायी हैं
UPA सरकार की उदासीनता
- 12वीं पंचवर्षीय योजना में दो लाख करोड़ रुपये के 680 प्रोजेक्ट में ज्यादातर अधूरे
- जरुरत के मुताबिक हर साल रक्षा बजट नहीं बढाया गया
- रक्षा खरीद सौदों पर शीघ्र निर्णय में देरी से लागत बढ़ी
- चयन के मानकों, निविदा और गुणवत्ता जांच की धीमी प्रक्रिया
- हथियारों के निर्माण के स्वदेशीकरण का लक्ष्य औंधे मुहं गिरा
- 2005 से आधुनिकीकरण की बाट जोह रही है वायुसेना
-source : Hindustan, New Delhi
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