छोटे पर्दे के कार्यक्रम Big Boss और Rakhi Ka Insaaf के बारे में कुछ विरोध के स्वर उठ रहे हैं|आख़िरकार Ministry of Information & Broadcasting ने यह decision लिया कि यह कार्यक्रम family के साथ देखने लायक नहीं हैं,इसलिए इन्हें रात ११ बजे से ५ बजे के बीच दिखाया जाये| हालाँकि, अभी माननीय Bombay High Court ने Ministry of Information & Broadcasting के इस decision पर Stay लगा दिया है| लेकिन सवाल यह उठता है, क्या वाकई Ministry of Information & Broadcasting का यह decision सही है ?
सबसे पहले यह जान लेते हैं कि Big Boss और Rakhi Ka Insaaf के समय बदलने की जरुरत Ministry of Information & Broadcasting को क्यों पड़ी? इसका जवाब इस प्रकार है-
१.) Rakhi Ka Insaaf में , झाँसी के रहने वाले Laxman Prasad को Rakhi ने शो के दौरान Impotent कहकर अपमानित किया | अब ऐसा कहा जाता है कि इस टिप्पणी से आहत हो कर Laxman Prasad ने अपनी जान दे दी |
२.) Rakhi Ka Insaaf में Abusive Language का use किया जाता है |
३.) यह आरोप है कि 13 Nov. के Rakhi Ka Insaaf शो में भोजपुरी Actor Dev Bhardwaj और Actress Suneeta की Fake marriage दिखाई गयी थी|
४.) Big Boss में Abusive Language का प्रयोग किया जाता है और आपत्तिजनक द्रश्य दिखाए जाते हैं|
५.) Big Boss में TV actress Sara Khan और Ali की शादी हुई जिसके बाद Sara के परिवार ने कहा कि शादी पैसे देकर हुई|
६.) Big Boss में Pakistani Actress Veena Malik के अपने co-actors के साथ आपत्तिजनक द्रश्य दिखाए जाते हैं|
शायद आपको समझ आ गया होगा कि Ministry of Information & Broadcasting ने यह निर्णय क्यों लिया ?
आज भी भारत में ज्यादातर परिवार के कई सदस्य मिल बैठकर ही TV देखते हैं| फिल्मों के बारे में तो दर्शक जानते हैं और समझते हैं कि जो दिखाया जा रहा है वह अभिनय है| जो खून गिरता है वह दरअसल लाल रंग है और Actor जो बोल रहा है वह dialogue भी किसी ने लिखे हैं लेकिन Reality shows को दर्शक वास्तविकता मान लेते हैं| कभी किसी की शादी दिखाना, कभी किसी के लिए लड़ना, इस तरह के Reality Shows को दर्शक अपनी भावनाओं से जोड़ लेते हैं और बाद में कहीं से पता चलता है कि वह सब तो दिखावा था| कुछ समय पहले Ekta Kapoor के serials को लेकर भी यह बात उठती रही है कि परिवार में झगड़ा और रिश्तों में दरार इन serials की वजह से हो रहे हैं| इस तरह के Reality Shows और Serials को चलाने वालों को दर्शकों की भावनाओं से खेलने का कोई अधिकार नहीं है| इसके लिए इन पर लगाम लगना जरुरी है |
आज जहाँ एक ओर हमलोग SEX Education को बढावा देने की बात करते हैं तो क्या इस तरह के Programs पूरे परिवार के साथ बैठ कर देखने से परिवार के लोग ज्यादा open minded हो पाएंगे? शायद इसका जवाब ना में हो, क्योंकि SEX Education को बढावा देना एक अलग बात है और open minded होना एक अलग बात है| हमारी भारतीय संस्कृति में एक परिवार के हर relation में एक दायरा बना होता है| यह दायरा और सम्मान ही हमारी भारतीय संस्कृति को महान बनाता है| इस तरह के programs में आपत्तिजनक द्रश्य दिखाकर और Abusive Language use करने से यह दायरा खत्म हो जायेगा| इसलिए इन programs का समय बदल देने से हमलोग इस समस्या का हल नहीं निकल सकते| इसके लिए एक Guideline बनानी होगी| फिल्मों की तरह Cencor Board बनाने की जरुरत नहीं है लेकिन इन programs पर नज़र रखना और उनके बारे में सुझाव एवं guidelines जारी करना एक अच्छा कदम होगा|
लेकिन इस सबके बाद भी दर्शकों की भावनाओं से खिलवाड़ को रोकने और इस तरह के अश्लीलता एवं abusive language वाले programs के खिलाफ हमसब को ही आगे आना होगा| अगर हमलोग TV देख रहे हैं तो TV का Remote तो हमलोगों के ही हाथ में है| इसलिए हम खुद ही decide कर सकते हैं कि क्या देखना है और क्या नहीं| अगर हमे अपनी आने वाली generation को अभद्रता और अश्लीलता से बचाना है तो हमें इस तरह के programs का बहिष्कार करना होगा| बाकि फैसला आपके हाथ में है......


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